विश्व की सबसे बड़ी तोप ‘जयबाण’— जिसे खींचने में हाथी भी हाँफ जाए, और जिसका एक गोला बना दे तालाब!
राजस्थान के जयपुर शहर के ऊपर पहाड़ी पर बसे जयगढ़ किले में कई ऐतिहासिक खज़ाने छिपे हैं, लेकिन इनमें सबसे अनोखा और द्रष्टव्य है — विश्व की सबसे बड़ी चलायमान तोप, ‘जयबाण तोप’ (Jaivana Cannon)।
यह तोप आज भी अपने विशालकाय रूप, ताकत और रहस्यपूर्ण इतिहास की वजह से दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करती है।
🏰 जयबाण: एक ऐसा हथियार, जिसे देखकर हाथी भी डर जाए!
1710 में महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय के शासनकाल के दौरान यह तोप जयगढ़ किले में ही बनाई गई थी।
इतनी विशाल और भारी कि इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए हाथियों को भी पसीना आ जाता था।
📌 तोप के अद्भुत तथ्य:
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वजन: लगभग 50 टन
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लंबाई: 6.15 मीटर (20.2 फीट)
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बैरल का बोअर: 11 इंच
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अग्रभाग की मोटाई: 8.5 इंच
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परिधि: आगे 2.2 मीटर, पीछे 2.8 मीटर
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चक्के:
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दो बड़े चक्के — व्यास 1.37 मीटर
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दो अतिरिक्त ट्रांसपोर्ट व्हील — व्यास लगभग 9 फीट
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इतनी मजबूत धातु से बनी कि सदियों बाद भी इस पर जंग नहीं लगा, और आज भी यह बिल्कुल नई जैसी चमकती दिखाई देती है।
⚔️ युद्ध के लिए बनी, पर कभी युद्ध में चली नहीं
जयबाण तोप को बनाया तो युद्ध में जाने के लिए गया था, लेकिन इतिहास गवाह है कि यह कभी किसी युद्ध में इस्तेमाल नहीं हुई।
फिर भी यह तोप जयपुर के राजाओं के लिए किसी ‘ब्रह्मास्त्र’ से कम नहीं थी। इसी कारण, आज भी जयपुर का राजपरिवार विशेष त्योहारों पर इसकी पूजा करता है।
💥 एकमात्र परीक्षण और 35 किलोमीटर दूर ‘तालाब’ का निर्माण
कहा जाता है कि इसे जीवन में सिर्फ एक बार चलाया गया था।
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इस परीक्षण में लगभग 100 किलो बारूद का उपयोग हुआ।
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दागा गया गोला करीब 50 किलो का था।
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यह गोला हवा को चीरता हुआ 35 किलोमीटर दूर चाकसू कस्बे में जाकर गिरा।
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जहां उसके प्रभाव से एक गहरा गड्ढा बना,
जो बाद में तालाब का रूप ले बैठा।
इस कहानी को स्थानीय लोग आज भी गर्व और रहस्य के साथ सुनाते हैं।
🔍 इतिहास, इंजीनियरिंग और रहस्य—सब एक साथ
जयबाण दुनिया की सबसे बड़ी चलायमान तोप होने के साथ-साथ एक इंजीनियरिंग चमत्कार भी है।
सदियों पुरानी यह तोप:
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न जंग खाई
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न टूट-फूट हुई
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न धातु ने अपना असर खोया
जयगढ़ किले में आने वाले पर्यटक इसे देखने के लिए 50 रुपये का टिकट लेकर विशेष रूप से यहाँ पहुँचते हैं।
🎯 आज भी लोकप्रियता का केंद्र
आज के समय में भी जयबाण तोप:
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राजस्थान पर्यटन की शान है
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इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना है
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और भारतीय इतिहास की साहसी विरासत है
हर साल लाखों लोग इसे देखने आते हैं और इसके विशाल आकार के सामने खुद को रत्ती भर महसूस करते हैं।
🕉️ आस्था और परंपरा का प्रतीक
जयपुर का राजघराना आज भी इस तोप को दिव्य शक्ति का प्रतीक मानता है और उत्सवों पर इसकी विधिवत पूजा करता है।
राजपूताना अपने युद्ध कौशल के लिए जाना जाता था — और जयबाण इस कौशल की अमिट गवाही है।
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